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2. लालच
लालची इंसान अपने फायदे के लिए किसी के साथ भी धोखा कर सकता है। ऐसे लोग धर्म-अधर्म के बारे में नहीं सोचते। इसलिए हर किसी को लोभ-लालच से दूर ही रहना चाहिए।
लालची इंसान अपने फायदे के लिए किसी के साथ भी धोखा कर सकता है। ऐसे लोग धर्म-अधर्म के बारे में नहीं सोचते। इसलिए हर किसी को लोभ-लालच से दूर ही रहना चाहिए।
3. अहंकार
अहंकार के कारण इंसान कभी दूसरों की सलाह नहीं मानता और अपनी गलती स्वीकार नहीं करता। ऐसा व्यक्ति अपने परिवार और दोस्तों को कष्ट पहुंचाने वाला होता है। इसलिए अहंकार को मनुष्य का शत्रु कहा गया है।
अहंकार के कारण इंसान कभी दूसरों की सलाह नहीं मानता और अपनी गलती स्वीकार नहीं करता। ऐसा व्यक्ति अपने परिवार और दोस्तों को कष्ट पहुंचाने वाला होता है। इसलिए अहंकार को मनुष्य का शत्रु कहा गया है।
4. काम
जब किसी पर काम भावना हावी हो जाती है तो वह सही-गलत सब भूल जाता है। कामी व्यक्ति अपनी इच्छा पूरी करने के लिए किसी के भी साथ बुरा व्यवहार कर सकता है। इसलिए काम भावना को हमेशा काबू में रखना चाहिए।
जब किसी पर काम भावना हावी हो जाती है तो वह सही-गलत सब भूल जाता है। कामी व्यक्ति अपनी इच्छा पूरी करने के लिए किसी के भी साथ बुरा व्यवहार कर सकता है। इसलिए काम भावना को हमेशा काबू में रखना चाहिए।
5. मोह
किसी से भी अत्यधिक मोह बर्बादी का कारण बनता है। बहुत ज्यादा लगाव होने पर व्यक्ति सही-गलत का फैसला नहीं कर पाता, जिसकी वजह से कई बार नुकसान का भी सामना करना पड़ जाता है।
किसी से भी अत्यधिक मोह बर्बादी का कारण बनता है। बहुत ज्यादा लगाव होने पर व्यक्ति सही-गलत का फैसला नहीं कर पाता, जिसकी वजह से कई बार नुकसान का भी सामना करना पड़ जाता है।
6. गुस्सा
गुस्से में मनुष्य बिना सोचे-समझे किसी का भी बुरा कर सकता है। गुस्से में किए गए कामों की वजह से शर्मिंदा होना पड़ता है और कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
गुस्से में मनुष्य बिना सोचे-समझे किसी का भी बुरा कर सकता है। गुस्से में किए गए कामों की वजह से शर्मिंदा होना पड़ता है और कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
7. नशा करना
नशा करने के बाद इंसान को अच्छे-बुरे किसी का भी होश नहीं रहता है। नशे की हालत में मनुष्य न की सिर्फ दूसरों का बल्कि अपना भी नुकसान कर लेता है। इसलिए इसे मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है।
नशा करने के बाद इंसान को अच्छे-बुरे किसी का भी होश नहीं रहता है। नशे की हालत में मनुष्य न की सिर्फ दूसरों का बल्कि अपना भी नुकसान कर लेता है। इसलिए इसे मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है।












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