भीष्म ज्ञान- जानिए कौनसे कामों से कम होती है उम्र और कौनसे कामों से बढ़ती है उम्र

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धर्म ग्रंथों के अनुसार, पहले के समय में मनुष्य की उम्र 100 या उससे अधिक होती थी, लेकिन वर्तमान समय में वह कम होती जा रही है। मनुष्यों की उम्र कम क्यों होती जा रही है, इसका कारण भी हमारे धर्म ग्रंथों में ही बताया गया है। साथ ही ये भी बताया गया है कि क्या काम करने से मनुष्यों का आयु बढ़ती है।
परंतु ग्रंथों का अध्ययन करने के कारण हम इन बातों को नहीं जानते। आज हम आपको कुछ ऐसे कामों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें करने से मनुष्य की उम्र कम या अधिक होती है। इन कामों के बारे में महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामाह ने युधिष्ठिर को बताया था। जानिए कौन से हैं वो काम जो हमारी उम्र पर असर डालते हैं-
1. महाभारत के अनुसार, जो मनुष्य तिनके तोड़ता है, नाखून चबाता है तथा हमेशा अशुद्ध रहता है, उसकी मृत्यु जल्दी ही हो सकती है। उदय, अस्त, ग्रहण एवं दिन के समय सूर्य की ओर देखने वाले मनुष्य की मृत्यु भी कम उम्र में हो जाती है।
2. गुस्सा करने वाले, सच बोलने वाले, सभी को एक समान रूप से देखने वाले और धोखा नहीं करने वाले मनुष्य की उम्र 100 वर्ष होती है। रोज ब्रह्म मुहूर्त में जागकर फिर शौच-स्नान करने के बाद सुबह की संध्या (पूजन की एक विधि) शाम के समय भी विधिपूर्वक संध्या करने वाले मनुष्य की आयु भी अधिक होती है।
3. बाल संवारना, आंखों में काजल लगाना, दांत-मुंह धोना और देवताओं का पूजन करना- ये सभी काम दिन के पहले पहर (सुबह 9 बजे से पहले) में ही करना चाहिए। जो लोग ये काम समय पर नहीं करते, वे शीघ्र ही काल का शिकार हो जाते हैं।
4. भगवान को मानने वाला, कुछ काम करने वाला, गुरु और शास्त्र की बात मानने वाला धर्म को जानने वाले बुरे लोगों की मृत्यु कम उम्र में हो जाती है। जो लोग दूसरे वर्ण (जाति या धर्म) की महिलाओं से संपर्क रखते हैं, वे भी जल्दी ही मृत्यु को प्राप्त होते हैं।
5. मल-मूत्र की ओर देखने वाले, पैर पर पैर रखने वाले, दोनों ही पक्षों (कृष्ण शुक्ल पक्ष) की चतुर्दशी अष्टमी तथा अमावस्या पूर्णिमा पर स्त्री समागम करने वाले लोगों की मृत्यु कम उम्र में ही हो जाती है।
6. दूसरों के पहने हुए कपड़े जूते नहीं पहनने चाहिए। दूसरों की निंदा चुगली नहीं करना चाहिए। किसी को भला-बुरा बोलें। अपंग कुरूप की हंसी नहीं उड़ाना चाहिए। जो लोग इन बातों का ध्यान रखते हैं, उनकी मृत्यु कम उम्र में नहीं होती।
7. जो लोग सूर्योदय होने तक सोते हैं ऐसा करने पर प्रायश्चित भी नहीं करते। शास्त्रों में जिन वृक्षों की दातून का उपयोग करने के लिए मना किया गया है, उनसे दातून करने वाला मनुष्य जल्दी ही मृत्यु को प्राप्त होता है।